राजधानी में हो सकता है ब्लैकआउट, 700 मेगावाट बिजली केंद्र ने दिल्ली से हरियाणा किया डायवर्ट

दिल्ली में एक तरफ सूरज ने अपना तापमान बढञा दिया है और गर्मी व लू का अहसास मार्च के महीने से ही लोगों को होने लगा है। लेकिन इसकी जलती-चुभती गर्मी के मौसम में लोगों की परेशानी और  बढ़ सकती है। दिल्ली में बिजली संकट पैदा हो सकता है। एक तरफ जहां दिल्ली सरकार की तरफ से अधिक बिजली आवंटन की मांग की जा रही है। वहीं केंद्र ने बुधवार देर शाम एनटीपीसी के दादरी स्टेज- II पावर स्टेशन की पूरी 728 मेगावाट क्षमता 1 अप्रैल से हरियाणा को आवंटित कर दी है। इतनी बड़ी क्षमता का अचानक नुकसान दिल्ली की लगभग 4,100 मेगावाट की खपत का 18%, एक्सचेंजों से बिजली के साथ प्रतिस्थापित करना कठिन होगा। हो सकता है कि एक्सचेंजों के पास चौबीसों घंटे बिजली देने की इतनी बड़ी क्षमता न हो और दिल्ली की अचानक मांग से टैरिफ और सख्त हो जाएंगे। यह सब ब्लैकआउट का कारण बन सकता है। देर रात तक दिल्ली सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के लगभग 46 लाख उपभोक्ता इससे प्रभावित हो सकता हैं, लगभग 68 फीसदी उपभोक्ताओं को दो बीएसईएस डिस्कॉम द्वारा सेवा प्रदान की जाती है। जबकि टाटा पावर द्वारा दी जाने वाली बाकी सेवाओं को किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि दादरी स्टेज- II की 718 मेगावाट क्षमता वर्तमान में बीएसईएस यमुना और बीएसईएस राजधानी को आवंटित की गई है, जबकि टाटा पावर के लिए केवल 10 मेगावाट है। भले ही एक्सचेंजों पर क्षमता उपलब्ध हो, मौजूदा प्रवृत्ति के अनुसार, दादरी स्टेज- II से आपूर्ति के लिए बीएसईएस डिस्कॉम के लिए बिजली की कीमत लगभग 5 रुपये प्रति यूनिट के मुकाबले 10 रुपये से 15 रुपये प्रति यूनिट के बीच होगी। टाटा पावर के लिए क्षमता का नुकसान महत्वहीन होगा और इसे आसानी से मैनेज कर लिया जाएगा।

बिजली मंत्रालय के अवर सचिव राजा रामास्वामी ने 28 मार्च, 2022 को सीईए को लिखे एक पत्र में कहा कि एनटीपीसी के दादरी-II स्टेशन में दिल्ली की ओर से पावर सरेंडर करने की इच्छा और हरियाणा सरकार की इच्छा को ध्यान में रखते हुए एनटीपीसी के दादरी-II स्टेशन से हरियाणा को 728.68 मेगावाट के सरेंडर्ड अथवा उपलब्ध शेयर का 1 अप्रैल से पुन: आवंटन करने का निर्णय लिया गया है। सीईए से अनुरोध है कि 1 अप्रैल, 2022 से सभी संबंधितों को सूचना के तहत आवंटन को लागू किया जाए।

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