‘मौत क्यों रात भर नहीं आती’ नाटक ने छोड़े गहरे सवाल

फरीदाबाद; फोर्थ वाॅल प्रोडक्शंस और नगर निगम के सहयोग से एनआईटी रोजगार्डन स्थित ओपन एयर थियेटर में आयोजित हो रहे तीसरे फ़रीदाबाद थियेटर फेस्टिवल के छठे दिन नाटक मौत क्यों रात भर नहीं आती का मंचन हुआ। यह नाटक मध्यमवर्गीय परिवारों की मानसिकता और मूल्यों को उजागर करता है। इस नाटक में दिखावे के रूप में लोन पर सामान लेने, संतुष्टि की जगह बेइंतहा इच्छाओं, आत्महत्या जैसे गंभीर विषय को व्यंग्यात्मक तरीके से प्रस्तुत करते हुए बड़े ही सुंदर ढंग से मंचित किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा युवा मोर्चा हरियाणा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कुशल ठाकुर मौजूद थे। इन्होंने दीप प्रज्जवलित कर नाटक की शुरूआत की।
यह नाटक मध्यम वर्गीय परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है। इस परिवार का एक व्यक्ति अपनी आर्थिक परिस्थितियों के कारण काफ़ी परेशान होता है और इन समस्याओं से निजात पाने का उसे कोई रास्ता भी नहीं सूझता। इसमें मुख्य बात यह है कि यह सारी परेशानियां उसकी खुद की बुलाई हुई हैं। अंततः वह आत्महत्या करने का निश्चय कर लेता है ताकि उसके परिवार वालों को बीमा की रकम मिल जाए और वह अपनी ज़िंदगी अच्छे से बिता सकें। वह रात भर मरने के अलग-अलग तरीके ढूंढता रहता है। वह चाहता है कि उसे मौत आ जाए लेकिन वह मर भी नहीं पाता। जाको राखे साइयां, मार सके न कोई वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए वह खुद से ही प्रश्न करता है कि मौत क्यों रात भर नहीं आती।
इस नाटक का लेखन प्रताप सहगल और निर्देशन संजय अमन पोपली ने किया है। वहीं, अलग-अलग किरदारों के रूप में मंजीत सिंह सेठी, स्मिता चैधरी, कविन्द्र देवगन, विजय सहगल, संजय पोपली, इंदर सिंह, भूपेन्द्र भाटिया आदि ने भूमिका निभाई। इस मौके पर अतिथियों का सम्मान शहर के वरिष्ठ रंगकर्मी अमित शर्मा, मोहित कांधारी, धीरज राणा, आनंद सिंह भाटी ने किया। 29 मार्च यानी की मंगलवार को नाटक लोहाकूट का मंचन किया जाएगा।

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