सिस्टम से लड़ते-लड़ते आज मैं ही आरोपी हो गई: स्वाति मालीवाल!

Swati Maliwalमालीवाल ने ट्वीट किया पूरी जिंदगी सेवा की है। 8 साल वालंंटियर रही। आज 30 हजार के वेतन से संतुष्ट हूं, एक रुपये का भ्रष्टाचार साबित हुआ, तो जिंदगी छोड़ दूगी। नई दिल्ली [जेएनएन]। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने तीस हजारी कोर्ट द्वारा समन जारी करने के बाद अपना पक्ष रखा। उन्होंने ट्वीट किया, ‘पहली अध्यक्ष ने आठ साल में एक केस किया, हमने एक साल में 12,000 केस, 3 लाख कॉल, 7500 विजिट, 5500 कोर्ट केस, 1869 काउंसलिग की, क्या काम करना भ्रष्टाचार है? सिस्टम से लड़ते-लड़ते आज मैं ही आरोपी हो गई। चलिए, ये जंग भी मज़ूर। महिलाओं के हक के साथ-साथ यें लड़ाई भी जीतूंगी। सत्यमेव जयते।’मालीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार से स्टाफ मांगा, नहीं मिला। तीन महीने के अनुबंध पर लोगों को रखा जो शनिवार को भी काम करते हैं। पिछले आयोग जैसे 8 साल में 1 केस करती तो एफआइआर नहीं होती। चार महीने से हमारी शीला दीक्षित के खिलाफ डीसीडब्ल्यू में भ्रष्टाचार की शिकायत पर कोई एफआइआर दर्ज नहीं हुई। मेरे खिलाफ झूठी चार्जशीट जल्दी से दायर की।मालीवाल ने ट्वीट किया पूरी जिंदगी सेवा की है। 8 साल वालंंटियर रही। आज 30 हजार के वेतन से संतुष्ट हूं, एक रुपये का भ्रष्टाचार साबित हुआ, तो जिंदगी छोड़ दूगी। जब देश में काम न करने वालों पर एफआइआर होगी, तो बहुतों पे चार्जशीट होगी। ऐसा समय कब आएगा? कोर्ट में अपना पक्ष रखूंगी, पूरा भरोसा है न्याय होगा। मैंने काम पूरी ईमानदारी से किया है और हर परीक्षा देने के लिए तैयार हूं। सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं। अंत में सच्चाई की जीत होगी।’मालीवाल ने अंत में पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘वाह नजीब जंग। महिला सुरक्षा पर एक मीटिंग नहीं बुलाई। आयोग की स्वायत्ता पर वार किया। अगर काम न करने पर चार्जशीट हो तो सबसे पहले ये अंदर हो।

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