Russia-Ukraine War: नागरिकों पर गोलीबारी, राजपूतों के खिलाफ मुगलों के नरसंहार जैसा, यूक्रेन के राजदूत की तीखी प्रतिक्रिया

New Delhi: खार्किव में भारतीय छात्र की मौत (Indian student dies in Kharkiv) पर भारत में यूक्रेन के राजदूत ने गहरी संवेदना जताते हुए भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) सहित विश्व के नेताओं से रूस के खिलाफ लड़ाई में यूक्रेन की मदद करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, “यह राजपूतों के खिलाफ मुगलों द्वारा किए गए नरसंहार की तरह है। उन्होंने कहा हम बमबारी और गोलाबारी रोकने के लिए बार बार दुनिया के सभी प्रभावशाली नेताओं, जिनमें मोदी जी भी शामिल हैं, पुतिन के खिलाफ हर संसाधन का उपयोग करने के लिए कह रहे हैं।

यूक्रेन के राजदूत ने यूक्रेन की मदद करने का आग्रह किया

भारत में यूक्रेन के राजदूत ने खार्किव में गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अब नागरिक क्षेत्रों में बमबारी और गोलाबारी हो रही है। उन्होंने भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी सहित दुनिया के नेताओं से यूक्रेन की मदद करने का आग्रह किया। यूक्रेन के राजदूत, डॉ इगोर पोलिखा यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर पर रूसी हमले के दौरान यूक्रेन के खार्किव में गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मौत के बाद अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “मैं भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा की मौत पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जो यूक्रेन के खार्किव में गोलाबारी में मारे गए थे। पहले गोलाबारी और बमबारी सैन्य स्थलों पर होती थी, लेकिन अब नागरिक क्षेत्रों में भी हो रही है।”

खार्किव में गोलाबारी के कारण एक भारतीय छात्र की मौत

विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को पुष्टि की कि खार्किव में गोलाबारी के कारण एक भारतीय छात्र की मौत हो गई थी। आधिकारिक प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया था, “गंभीर दुख के साथ हम पुष्टि करते हैं कि आज सुबह खार्किव में एक भारतीय छात्र की गोलाबारी में जान चली गई। मंत्रालय उनके परिवार के संपर्क में है। हम परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”

आपको बता दें कि छात्र की पहचान नवीन शेखरप्पा के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक जब नवीन हमले से बचने के लिए एक बंकर में चले गए थे, उसी दौरान जब वह छिपने की जगह से निकल कर सुपरमार्केट में कुछ किराने का सामान लेने गए मिसाइल हमले से उनकी जान चली गई। नवीन के दोस्त श्रीकांत ने कहा, “हम में से नौ (छात्र) बंकर में थे।

खाना लेने बाहर गया था भारतीय छात्र

रात का कर्फ्यू समाप्त होने के बाद, वह कुछ खाना खरीदने के लिए 6.30 बजे के बाद बंकर से निकल गए। उन्होंने मुझे लगभग 7.58 बजे फोन किया था और मुझसे उसके कार्ड में कुछ पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। जब मैंने उसके नंबर पर कॉल किया, तो कुछ स्थानीय लोगों ने कॉल रिसीव किया और रोने लगे। उन्होंने हमें बताया कि नवीन की मृत्यु हो गई है।”






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