तिगांव से राजेश नागर की दावेदारी प्रबल, ललित नागर के हालात पतले

ग्लोबल हरियाणा न्यूज़ /फरीदाबाद : भाजपा द्वारा प्रदेश में की जा रही 75 पार की दावेदारी अब 80 पार में तब्दील होती नजर आ रही है। जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह ने धारा 370 हटाने की जो तिकड़म फेंकी है, उससे विपक्ष के हौसले पस्त नजर आ रहे हैं। तिगांव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी राजेश नागर एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के सुपुत्र एवं वरिष्ठ उपमहापौर देवेन्द्र चौधरी के बीच दावेदारी मानी जा रही है। जिसमें राजेश नागर को प्रबल दावेदार माना जा रहा है, क्योंकि मोदी जी ने जिस प्रकार सभी सांसदों को बुलाकर परिवारवाद पर लगाम लगाने की बात की है, उससे केन्द्रीय राज्यमंत्री हो सकता है स्वयं ही अपने पैर पीछे खींच लें। ऐसे में राजेश नागर एकमात्र भाजपा का चेहरा साबित हो सकता है। भाजपा के इस नए प्रोपगेंडा से स्थानीय विधायक भी बैकफुट पर चले गए हैं और उनको अपनी कुर्सी बचाने के लाले पडऩे लगे हैं। हालांकि विधायक तिगांव विधानसभा क्षेत्र में जगह-जगह जनसभाओं का आयोजन कर माहौल बनाने में लगे हैं, मगर लोगों का कहना है कि जो भी भीड़ इनकी जन सभाओं में मौजूद होती है वो फिक्स होती है। विधायक स्वयं 300 कुर्सी और टेन्ट साथ लेकर चलते हैं और क्षेत्र में सभाओं का आयोजन करते रहते हैं। उनके पीछे क्षेत्र की जनता नहीं है। कुछ अपने ही लोग हैं और अपनी ही कुर्सियां एवं टेन्ट गाडकर जनसभाओं को सम्बोधित कर देते हैं। सभा समाप्त होने के बाद पैक अप कर लेते हैं। विधायक ललित नागर की सांसद की टिकट मिलने ओर उसके बा छिनने के घटनाक्रम ने कहीं न कहीं उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाया है। इससे लोगों को संकेत मिला है कि पार्टी में उनका वो रुतबा एवं वजूद नहीं है जो और दिग्गज नेताओं का। बाद विधायक ललित नागर दोबारा विधायक बन पाएंगे या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा, मगर वर्तमान हालातों ने उनकी नींव हिलाकर रख दी है। उनके खेमे में बेचैनी पैदा कर दी है। उनको अपना जनाधार खिसकता नजर आ रहा है। विरोधी खेमे से विधायक होने के चलते क्षेत्र में वैसे भी वो कुछ खास काम नहीं करा पाए, ऐसे में लोगों की नाराजगी उनसे स्वभाविक है। वहीं पिछली बार भी भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़े राजेश नागर ने पिछले 5 सालों में लगातार क्षेत्र में मेहनत की है। उनका कहना है कि तिगांव की जनता उनको भारी जनमत प्रदान करेगी, क्योंकि जानते हैं कि जिस प्रकार से देश एवं प्रदेश में भाजपा की सरकार है तो क्षेत्र में नुमाइंदा भी भाजपा से ही चाहिए। क्षेत्र की जनता पहले ही विपक्षी पार्टी का विधायक बनवाकर क्षेत्र के 5 साल बर्बाद कर चुकी है।

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