परीक्षा पे चर्चा – प्रधानमंत्री जी ने तनाव मुक्त परीक्षा के उपाय बताए

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन आई टी तीन फरीदाबाद में सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड और जूनियर रेडक्रॉस प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा एवम सभी अध्यापकों और छात्राओं ने प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का छात्रों, अध्यापकों और अभिभावकों एवम सभी के लिए विशेष कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा का लाइव प्रसारण सुना। पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा में कहा कि गुणों के पुजारी बनें। इससे उसे और हमें दोनों को ताकत मिलती है। इर्ष्या भाव को न पनपने दें। इससे हम खुद को छोटा करते हैं और कभी बड़ा नहीं बन सकते। अपने जीवन में सफल बनने के लिए अच्छे, सामर्थ्यवान के लिए सम्मान रखें। पीएम ने कहा कि परीक्षा पर चर्चा से मेरा भी फायदा होता है। यह मेरे सामर्थ्य को बढ़ा रहा है। इसके बाद पीएम ने सभी को धन्यवाद दिया और उनका अभिवादन किया।बेटा-बेटी एक समान का संदेश देते हुए पीएम ने कहा कि दसवीं, बारहवीं की परीक्षा में लड़कियां बाजी मारती हैं। खेल, विज्ञान में लड़कियां आगे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर लड़कियों का दबदबा है। सुरक्षा क्षेत्र में भी लड़कियां आगे नजर आ रही हैं। पीएम ने कहा, एक समान अवसर में बेटा 19 करेगा तो बेटी 20 करती हैं। प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने कहा कि पी एम मोदी जी ने प्रतियोगिता का महत्व बताते हुए कहा कि प्रतियोगिता जीवन की सबसे बड़ी सौगात है। इसके बिना जीवन में कोई मतलब नहीं। प्रतियोगिता को अवसर बनाना चाहिए। प्रयोग करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर रिस्क भी लेना। पीएम मोदी ने कहा कि हर बच्चे के मन में यह आता है कि मै यह भूल गया लेकिन अगर आप देखेंगे कि एग्जाम से पहले ऐसी चीज़ें आएगी कि यह तो कभी हफ्ते भर में देखा नहीं था अगर आप यहां आए लेकिन आप सोच रहे होंगे कि मम्मी घर पर टीवी देख रही होंगी और मुझे देखा होगा कि मैं किस कोने में बैठा हूं। तो अगर आपका ध्यान वहां है तो आप यहां है ही नहीं। परमात्मा की सबसे बड़ी सौगात ‘वर्तमान’ है। मेमोरी का भी यही कारण है कि हम उस पल को नहीं जी रहे है। मेमोरी का संबंध जीवन से है सिर्फ एग्जाम से नहीं। बहुत आसानी से आप इसको कर सकते है, मन स्थिर रखिए। ध्यान की अहमियत समझाते एफ हुए पीएम ने कहा कि यह कोई बड़ा विज्ञान नहीं है न ही इसके लिए हिमालय जाने की जरूरत है। ध्यान बेहद सहज है, बस वर्तमान में जीने की कोशिश कीजिए। जो वर्तमान में जीता है उसके भविष्य पर सवाल नहीं उठते। इसका सीधा संबंध स्मरणशक्ति से हैं पीएम ने कहा कि मन स्थिर रखिए, स्मरण होना शुरू हो जाएगा। छात्रों से पीएम मोदी ने कहा कि ‘मोटिवेशन का इंजेक्शन नहीं होता.’ जीवन का सबक देते हुए पीएम ने कहा कि खुद को जानें। ध्यान दें कि किन बातों से निराशा होती है? किन बातों से प्रेरित होते हैं? सहानुभूति लेने से बचें। 2 साल के बच्चे से भी प्रेरणा ले सकते हैं. दिव्यांगों से प्रेरणा ले सकते हैं जिन्होंने अपनी कमजोरी को ताकत बनाया है। खुद की परीक्षा लें और सबको को खुद में दुहराते रहें इससे निराशा दस्तक नहीं देगी। इस अवसर पर प्राध्यापिका डॉक्टर जसनीत कौर, शीतल, मोनिका, कविता, सोनिया, आशा सहित समस्त स्टाफ और छात्राएं उपस्थित रहीं।

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