एन.आई.टी दशहरा पर्व बचाने में मेरा साथ दें: स.अमरजीत सिंह

फरीदाबाद: सिद्ध पीठ श्री हनुमान मंदिर जो की 66 वर्षो से तीन दिवसीय दशहरा मानने में प्रमुख संस्था रही है लेकिन प्रशासनिक कारणों व राजनितिक दवावो के कारण 67 वर्ष के इस पर्व पर आंच आती दिख रही है। कई वर्षो से  दशहरा मानने की अनुमति जोकि उपायुक्त ,नगर निगम कमिश्नर ,पुलिस कमिश्नर द्वारा दी जाती है।  लेकिन यह इनुमति बिना जांच पड़ताल के एक दूसरी संस्था को दी जा रही है जिसका दशहरा मैदान पर बने मंच के अलावा दशहरे के अन्य कार्याक्रमों से कोई लेन देन नहीं है। लेकिन प्रशासन बिना किसी जांच व सामाजिक संस्थाओं से परामर्श किए बिना दूसरी संस्था को अनुमति दे रही है। यह कहना है अमरजीत सिंह (सन्नी) का उन्होंने प्रेस नोट के माध्यम से जनता को बताया कि जब से उनका जन्म हुआ है तब से सिद्धपीठ हनुमान मंदिर ही दशहरा पर्व मनाता आ रहा है मंदिर के बैनर तले खुशरंग दशहरा कल्ब,बजरंग दशहरा कल्ब, शिव मंदिर एक एच ब्लॉक, शिव मंदिर डी ब्लॉक ने भी अपने रावण के पुतले दशहरा मैदान पर लगाए है। जबकि एक अक्तूबर 1990 को शहर में क्र्फयू लगा हुआ था तब भी जिला प्रशासन द्वारा सिद्धपीठ हनुमान मंदिर को दशहरा पर्व मनाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन अब राजनीति कारणों के कारण मंदिर द्वारा मनाए जाने वाले दशहरा पर्व पर आंच आती दिखाई दे रही है जबकि इस दशहरा पर्व से हमारे बुर्जग हमें जोड़ कर गए थे। सरदार अमरजीत सिंह ने आगे कहा कि वह अब समाचार व इलैक्ट्रोनिक मिडिया के जरिए अपनी आवाज देश के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व जिलाप्रशासन के कानों तक पंहुचाएंगे ताकि यह त्यौहार लुप्त होने से बच सके। उन्होंने शहर की जनता से अपील की है कि वह इस मुहिम में मेरे साथ जुड़ें और भारत की संस्कृति को बचाने में अपना अहम योगदान दें।

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