जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में भारतीय नव वर्ष के उपलक्ष में कार्यक्रम आयोजित

फरीदाबाद, 2 अप्रैल – जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में भारतीय नव वर्ष विक्रमी संवत् नव संवत्सर के उपलक्ष में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद् के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रमेश कुमार गुप्ता विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के उत्तर क्षेत्र प्रमुख श्रीकृष्ण सिंघल, जे.सी. बोस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर तथा कुलसचिव डाॅ. एस.के. गर्ग भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि हिंदू संस्कृति का नव वर्ष चैत्र पक्ष शुक्ल प्रतिपदा को ही मनाया जाता है। इस दिन विक्रमी संवत का शुभारंभ होता है। चैत्र मास के नवरात्र आरंभ होते हैं। शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की पूजा होती है। वृक्षों पर भी नव कपोल फूटती है। हर तरफ वातावरण उल्लास से भरा होता है। इन दिनों में ऋतु परिवर्तन के कारण शरीर में नए रक्त का संचार होता है। इस प्रकार, यह दिन हर प्रकार से सबका शुभ दिन होता है।
उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को, युवा पीढ़ी को अपना पारम्परिक त्योहार के प्रति जागरूक रखना चाहिए। बच्चों को अपने भारतीय संस्कृति एवं  भारतीय गणना का ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने श्रीमद्भगवत गीता के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम को कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर, रमेश कुमार गुप्ता तथा श्रीकृष्ण सिंघल ने भी संबोधित किया। मंच संचालन दीपक ठुकराल एवं प्रो.अरविन्द गुप्ता  ने संयुक्त रूप से किया।

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