ठगी के मामले में एनआईटी निवासी बाप-बेटा व साले की घरवाली कभी भी जा सकते हैं जेल

ग्लोबल हरियाणा न्यूज़ /फरीदाबाद : महिला के साथ मिलकर लम्बे अरसे से धोखाधडी और जालसाजी कर लोगों से पैसे ऐंठने वाले बाप-बेटा कभी भी जेल जा सकते हैं। जालंधर निवासी राजेन्द्र सिंह कसोवाल व उनके पुत्र कर्णबीर सिंह तथा उनके समधी दिनेश मदान को नए-नए सब्जबाग दिखाकर कार ढोने वाले ट्रेलरों के बिजनेस का ख्वाव दिखाकर उनसे ऐंठे 28 लाख 25 हजार। फरीदाबाद निवासी विष्णु प्रिया लोजिस्टिक कंपनी के मालिक नरेश भाटिया उनके पुत्र साजन भाटिया व धु्रव लोजिस्टिक की मालकिन बबीता गांधी ने मिलकर अपनी ठगी का जाल जालंधर, पंजाब तक पहुंंचाया और राजेन्द्र सिंह कसोवाल को अपने झांसे में लेकर उनसे 28 लाख 25 हजार ऐंठ लिए। इन तीनों ने राजेन्द्र सिंह कसोवाल को 5 ट्राले दिलाने का सब्जबाग दिखाया और 5 ट्रालों की कमाई महीने में कम से कम 16 लाख रुपए बताई। उनकी चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर राजेन्द्र, उसके पुत्र कर्णबीर एवं समधी दिनेश मदान ने कुछ पैसे उनको कैश और कुछ चैक के द्वारा दिए। दिनेश मदान ने सन 2017 में धु्रव लोजिस्टिक के अकाउंट में 5.60 लाख रुपए डाले, जोकि दो दिन बाद ही विष्णु प्रिया लोजिस्टिक के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए। इसके अतिरिक्त कर्णबीर ने अपने अकाउंट से भी 5.50 लाख रुपए डाले। इसके अलावा की रकम इनको बैंक से निकालकर कैश में दी गई। इन जालसाजों ने 5 ट्राले भी अपने नाम से ही निकलवाए। जिसके बाद राजेन्द्र सिंह कसोवाल ने जालंधर में इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 22 जनवरी, 2019 को नरेश भाटिया उनके पुत्र साजन भाटिया व धु्रव लोजिस्टिक की मालकिन बबीता गांधी के खिलाफ एफआईआर नं.10 के तहत 420, 406 एवं 120बी के तहत मुकददमा दर्ज किया। पुलिस ने इन पर 28 लाख 25 हजार रुपए हड़पने, 5 ट्रालों की रिकवरी एवं 15 महीने का हिसाब देने का केस दर्ज किया है। अपने ऊपर दर्ज हुए केस के बाद इन तीनों द्वारा लगाई गई अग्रिम जमानत की अर्जी को सैशन कोर्ट, जालन्धर ने 8 फरवरी को रदद कर दिया है। जिसके बाद इन तीनों ठगों का जेल जाना लगभग तय है। इनकी जालसाजी का शिकार हुए सैक्टर-8 निवासी दिनेश मदान ने बताया कि इनके ऊपर दर्ज हुए जालसाजी एवं ठगी के केस के बाद ये तीनों बौखला गए हैं और अनाप-शनाप आरोप हम पर लगा रहे हैं। दिनेश मदान ने बताया कि इनके द्वारा की गई ठगी से बचने के लिए इन्होंने 22 अक्तूबर, 2018 को दिनेश मदान, राजेन्द्र सिंह कसोवाल एवं कर्णबीर सिंह के खिलाफ एक गाड़ी के पेपर चोरी कराने का मामला दर्ज कराया था, जिसकी सैशन कोर्ट फरीदाबाद को डाउटफुल एफआईआर लगी और इसकी दोबारा जांच कराने के आदेश दिए है। उन्होंने बताया कि ये जान चुके थे कि इन पर 420 का मामला दर्ज होने वाला है, इसलिए इन्हंोने यह झूठी एफआईआर दर्ज कराई थी। दिनेश मदान ने बताया कि इन लोगों पर धोखाधड़ी एवं जालसाजी के पहले भी 2 मुकद्दमे 2018 में कोतवाली थाना फरीदाबाद में दर्ज हो चुके हैं और इनका पेशा है लोगों से ठगी करके पैसे ऐंठने का।  

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