ऑल इंडिया लॉयर्स फौरम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के माननीय जज जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने किए अपने विचार सांझा

ऑल इंडिया लॉयर्स फौरम के हरियाणा स्टेट सेक्रेटरी एडवोकेट अंकित गुप्ता ने बताया कि फौरम द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘जेंडर जस्टिस एंड वूमेन राइट फॉर सस्टेनेबल टुमारो’ विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार हुआ, कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की माननीय जज, जस्टिस श्रीमती इंदिरा बनर्जी ने अपने जीवन के अनुभवों के बारे में बात की, उन्होंने बताया कि वो मेरी माँ थी जिसने मुझे हमेशा कैरियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।  जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने समानता और स्वतंत्रता की धारणा को स्थापित करने का श्रेय भी अपनी माता को दिया। जस्टिस बनर्जी 2018 में सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाली 8वीं महिला जज हैं। उसने आगे याद किया कि कैसे वह 4 साल के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय में एकमात्र महिला न्यायाधीश थी।  छात्र दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक मैं जज नहीं बन गई, तब तक मैंने अपनी सारी जिंदगी अपनी कार चलाई। उन्होंने लीगल प्रोफेशन से जुड़े हुए महिलाओं को खास तौर पर प्रेरित किया और कहा कि जब मैं मेरी तरह कोई महिला भारत के सबसे बड़े न्यायालय सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस के पद पर पहुंच सकती है तो ऐसा आप भी कर सकती हैं  । जस्टिस बनर्जी ने कहा की समानता का अर्थ है भेदभाव का अभाव।  हमें वास्तविक समानता की आवश्यकता है। इसके लिए हमें महिलाओं के लिए जिम्मेदार भूमिकाओं को बदलने की जरूरत है।  उन्होंने कहा कि मेरे विचार में सशक्तिकरण का अर्थ है एक महिला को कानून के मानकों के भीतर अपना जीवन तय करने के लिए शक्ति देना।महिलाएं दुनिया का 50% हिस्सा हैं, जबकि मानव संसाधनों का कम उपयोग किया जाता है क्योंकि इन महिलाओं की प्रतिभा और क्षमता का उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा की महिला का सम्मान करें, महिला को यौन वस्तु के रूप में न मानें, उनके खिलाफ अपराध न करें, घर में महिलाओं के साथ भेदभाव न करें।   जस्टिस बनर्जी ने कहा कि अगर एक महिला को गृहिणी बनना है, तो यह उसकी पसंद है, लेकिन उसे अपना पेशा छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की सीनियर अधिवक्ता श्रीमती विभा दत्ता मखीजा बतौर कीनोट स्पीकर अपने विचार रखें तथा इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट के निदेशक श्री मनोज कुमार सिन्हा ने बतौर वशिष्ठ अतिथि अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई तथा नारी शक्ति के बारे में लोगों को उनके बारे में अवगत कराया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर माननीय सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस इंदिरा बनर्जी द्वारा और फौरम द्वारा समाज में अग्रणी महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार गोयल एवं पूर्व सहायक महाधिवक्ता एवम को-चेयरमैन विकास वर्मा, इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ मनोज कुमार सिन्हा, मॉडरेटर प्रज्ञा पारिजात सिंह, जनरल सेक्रेटरी विक्रांत धामा, संयुक्त सचिव नवीन गुप्ता, हरियाणा स्टेट सेक्रेटरी एडवोकेट अंकित गुप्ता, अधिवक्तागण, प्रोफेसर तथा लाॅ स्टूडेंट्स और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे ।

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