दिल्ली पर्यटन द्वारा आम महोत्सव रहा हिट

ग्लोबल हरियाणा न्यूज़ / दिल्ली : राजधानी दिल्ली के निवासियों के लिए शनिवार और रविवार का दिन एक यादगार पल के रूप में साबित हुआ। जी! हां! यह मौक़ा था फलों के राजा “आम” की विभिन्न क़िस्मों से रूबरू होकर इस रसीले फल की मनमोहक और मंत्रमुग्ध कर देने वाले स्वाद में खो जाने का!

यूं तो फलों का राजा आम अपनी मनमोहक महक और स्वाद से सभी उम्र के लोगों को अपना दीवाना बना देता है! फिर चाहें वो कोई छोटा-सा बच्चा हो या फिर कोई युवा या फिर कोई बुज़ुर्ग व्यक्ति ही क्यों ना हो; आम को देखते ही सभी के मुंह में पानी आने लगता है। लेकिन, ज़रा सोचिए! अगर आपको भी मौक़ा मिले एक नहीं, दो नहीं; बल्कि आम की पूरी बग़िया में जाने का और जितने चाहें, उतने आम पेट भरकर खाने का; तो, कैसा रहेगा?

कुछ ऐसा ही हाल था पिछले तीन दिन से दिल्लीवासियों का भी! उन्हें तो जैसे समझ ही नहीं आ रहा था कि वो क्या करें या क्या ना! दिल्ली सरकार के दिल्ली पर्यटन विभाग द्वारा 31वें आम महोत्सव – 2019 में आए सभी उम्र दर्शकों के साथ तो कुछ ऐसा ही हाल था। इस महोत्सव में फलों के राजा कहलाए जाने वाले आम ने अपनी तक़रीबन 500 तरह की विभिन्न वैरॉयटीज़ के साथ दिल्लीवासियों के दिलों पर दस्तक दी।

आम की सभी वैरॉयटीज़ ने अपने पूरे आग़ोश और आबो-हवा से दिल्लीवासियों को अपना दीवाना बना दिया।

प्रतियोगिताओं द्वारा बढ़ाया बच्चों का मनोबल!
इसके साथ ही महोत्सव में आने वाले सभी दर्शकों के मनोरंजन के लिए प्रतिदिन शाम को विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों ने भी एक अलग समां बांधा। साथ ही बच्चों के मनोबल को बढ़ावा देकर उन्हें अपने अंदर छुपी कला को निखारने का मौक़ा देने के लिए फल आम पर आधारित पेंटिंग, क्वीज़, निबंध और स्लोगन लेखन जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया था।

आम खाओ प्रतियोगिता में नंबर वन की लगी होड़!
इसके अलावा जहां एक ओर यहां आने वाले आगंतुकों का जोश और उत्साह बढ़ाने के लिए “रू. 100 है दाम, कितने भी खाओ आम!” और पुरूष और महिलाओं की श्रेणियों में सबसे कम समय में सबसे ज़्यादा आम खाने की प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया था। वहीं दूसरी ओर डी.जे. मस्ती और ऊंट की सवारी आगंतुकों के उत्साह को बढ़ाती नज़र आईं।

मुस्तफ़ा भाई के आम थे लाजवाब!
हर साल की भांति उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर के मशहूर आम उत्पादक एवं विक्रेता, श्री तारीक़ मुस्तफ़ा इस साल भी अपने बाग़ों के रसीले आमों से दिल्लीवासियों के दिलो-दिमाग़ पर एक अलग ही छाप छोड़ते नज़र आए। श्री तारीक़ ने इस महोत्सव में अपने बाग़ों के आमों की तक़रीबन 175 क़िस्मों को दर्शाकर आगंतुकों का मन मोहा!

महोत्सव के आयोजन के उद्देश्य पर रौशनी डालते हुए दिल्ली पर्यटन के मुख्य प्रबंधक (जनसंपर्क) और मेला प्रबंधक, श्री सुधीर सोबती बताते हैं, “यूं तो हम अपने रोज़मर्रा के जीवन में फलों के राजा आम को साधारणत: खाते हैं। लेकिन, हमें इस फल की कुछ ही क़िस्मों के बारे में ही पता होता है। ऐसे में दिल्लीवासियों को आम की विभिन्न क़िस्मों से रूबरू करवाने के उद्देश्य से हम इस भव्य समारोह का आयोजन हर साल बड़ी धूमधाम से कराते हैं!”

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