हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियनका 14 वा राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन आगामी 22-23 दिसम्बर को झज्जर में

ग्लोबल हरियाणा न्यूज़/फरीदाबाद /5 दिसम्बर : हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन का 14 वा राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन आगामी 22-23 दिसम्बर को झज्जर मैं होगा। इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए यूनियन की केंद्रीय कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया यह जानकारी यूनियन के प्रांतीय प्रधान वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने स्थानीय कैनाल कॉलोनी स्थित यूनियन कार्यालय में संपन्न हुई बैठक में दी बैठक की अध्यक्षता ब्रांच के उपप्रधान राजमन ने की इस बैठक में सिंचाई विभाग लिपिक एसोसिएशन के जिला सेक्रेटरी हरीश नागपाल, चालक संघ के सचिव खुर्शीद अहमद भी उपस्थित थे।    उन्होंने बताया कि सम्मेलन में प्रदेशभर से 500 प्रतिनिधि और पर्यवेक्षक भाग लेंगे सम्मेलन को केंद्रीय कमेटी के पदाधिकारियों के अलावा अनेक जन संगठनों और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के नेता संबोधित करेंगे सम्मेलन में अनेक प्रस्ताव पास किए जाएंगे। सम्मेलन में पिछले 3 वर्षों की सांगठनिक गतिविधियों की जानकारी  महामंत्री के द्वारा दी जाएगी। सम्मेलन में अनेक प्रस्ताव पास किए जाएंगे जिसमें मुख्य रूप से जन  सेवाओं के विभागों का  निजीकरण बंद करने, बढ़ती महंगाई पर रोक लगाना, विभागों में नई भर्ती करना, आदि हैं डंगवाल ने बताया कि सरकार सिंचाई विभाग मैं आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को ईएसआई पीएफ की सुविधा नहीं देने का आरोप लगाया उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को ठेकेदार कई महीनों तक वेतन नहीं देते हैं और जो धनराशि पीएफ और ईएसआई के नाम पर काटी जाती है उसको उनके खातों में जमा नहीं किया जाता है जबकि प्रमुख अभियंता ने सभी अधीक्षण अभियंताओं को उनके परिमंडल के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को सभी प्रकार की सुविधाएं देने का परिपत्र जारी किया है लेकिन अधिकारी इस पत्र की अवेहल ना कर रहे हैं उन्होंने चेतावनी दी है यदि आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को पीएफ और  ईएसआई की सुविधा प्रदान नहीं की गई तो यूनियन पूरे प्रदेश में आंदोलन को तेज करेगी बैठक में मैट्रिक पास कर्मचारियों को लिपिक के पद पर पदोन्नत होने के बाद हर टोन के द्वारा कंप्यूटर ज्ञान की शर्तों को पूरा नहीं करने की एवज में उनकी पदोन्नति  को रोकने की भी कड़ी शब्दों में आलोचना की गई डगवाल ने बताया कि विभाग में जो कर्मचारी वर्ष 2013 में ग्रुप डी से पदोन्नत होकर लिपिक बने थे उन्हें एसीपी नहीं दी जा रही है जिसके कारण कर्मचारियों को काफी मानसिक उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है आज की बैठक    को ब्रांच के सह सचिव रामबहादुर राजकुमार ने भी संबोधित किया।

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