ड्रूम ने इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर कैटेगरी लॉन्च की, अब 65 कैटेगरी में ऑपरेशन

ग्लोबल हरियाणा न्यूज़ /20 अगस्त, 2019: परिवहन की स्वतंत्रता और मोबिलिटी तक पहुंच को सक्षम करने के लिए भारत के

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BaatTohKaro अपने पहले डिजिटल कैंपेन से, DocsApp ने अपनी बात सबके सामने रखने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया

19 August 2019:  BaatTohKaro एक पहल है भारत की सर्वश्रेठ ऑनलाइन डॉक्टर परामर्श ऐप DocsApp की, जिसके माध्यम से लोग अपनी उन समस्याओं

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राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने आरयूजे ग्रुप को इंडस्ट्री चैम्पियन अवार्ड-2019 से किया सम्मानित

ग्लोबल हरियाणा न्यूज़ / जयपुर, 9 अगस्त, 2019:राजेंद्र और उर्सुला जोशी (आरयूजे) समूह की कंपनियों आरयूजे एंड एसआरएम मैकेनिक्स प्राइवेट

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भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी में बोर्ड ऑफ स्टडीज की 15 वीं बैठक में तीन नए पाठ्यक्रमों की घोषणा

ग्लोबल हरियाणा न्यूज़ / जयपुर, 01 अगस्त   2019भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) ने अपने बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) की 15

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मिरेकल फाउंडेशन इंडिया ने अपने चिल्ड्रंस यूथ एम्बेसेडर प्रोग्राम 2019 की घोषणा की; अनाथ और जोखिम का सामना कर रहे बच्चों को सशक्त करना लक्ष्य है

ग्लोबल हरियाणा न्यूज़ /30जुलाई,2019:अनाथ और जोखिम का सामना कर रहे बच्चों को सशक्त बनाने और उन्हें अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचाने के अपने उद्देश्य कोरेखांकित करते हुए पूरी तरह से लाइसेंस प्राप्त धारा 25 के तहत रजिस्टर्ड गैर-लाभकारी संगठन मिरेकल फाउंडेशन इंडिया अपनी पहली यूथएंबेसेडर वर्कशॉप ‘मीटिंग ऑफ द चैम्पियंस’ का आयोजन किया। यह पहल मुंबई के रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी केंद्र में 27 से 29 जुलाई, 2019तक की गई। मिरेकल फाउंडेशन इंडिया को 17 बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले बच्चों से कुल 78 आवेदन मिले थे, जिनमें से बारह का चयनकार्यशाला में किया गया। ये यूथ एंबेसेडर 13 से 21 वर्ष की आयु के बीच के हैं और यह विभिन्न क्षेत्रीय विविधताओं से ताल्लुक रखते हैं। यह बच्चेअपने जैसे लाखों बच्चों की आवाज़ बनेंगे। मिरेकल यूथ एंबेसेडर्स का मूल्यांकन लिखित और वीडियो आवेदनों के आधार पर उनके पैशन,कम्युनिकेशन, प्रस्तुति, एंगेजमेंट जैसे मापदंडों पर किया गया था। चयन पैनल में मिरेकल फाउंडेशन इंडिया के प्रतिनिधि और संबद्ध बाल कल्याण गृहों के बच्चे शामिल थे, जिन्हें मीडिया से बातचीत, लीडरशिपऔर/या पब्लिक स्पीकिंग का पूर्व अनुभव था। सलोनी (यूथ एंबेसेडर्स में से एक) ने अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “एक यूथ एंबेसेडर के रूप में मैं अपनी ताकत और क्षमताओं को विकसितकरनी चाहती हूं। मैं कम्युनिकेशंस, लीडरशिप और समझ के हिसाब बाल अधिकारों और कौशल पर अपनी जानकारी में सुधार करना चाहती हूं।” तीन दिवसीय कार्यशाला का मुख्य फोकस इन उभरते हुए लीडर्स को कहानी सुनाने, मीडिया प्रशिक्षण और कम्युनिकेशन स्किल्स के विभिन्नस्किल-बिल्डिंग सेशंस के माध्यम से बाल अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। कार्यशाला में मिरेकल यूथ एंबेसेडर्स को स्किल्स और आत्मविश्वास में सुधार करने में मदद मिली है। इससे वे विभिन्न मीडिया और एडवोकेसीचैनलों के माध्यम से बच्चों की देखभाल प्रणाली में परिवर्तन को प्रभावित करने के लिए व्यक्तिगत अनुभवों और विचारों को साझा करने में सक्षमहुए। इन यूथ एंबेसेडर्स को विभिन्न प्रकार के मीडिया – प्रिंट से ऑनलाइन, साक्षात्कार से लेकर ब्लॉगिंग और सोशल मीडिया तक – को सीखने,बनाने और उसमें भाग लेने का अवसर मिला, ताकि वे अपने दुनियाभर के लाखों अनाथ बच्चों के विचारों का प्रतिनिधित्व कर सके और उसे दुनियाके सामने रख सके। 

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