राम षब्द बड़ा अलौकिक और चमत्कारिक षब्द है!

राम षब्द श्री गोपाल मन्दिर ट्रस्ट के वार्शिक उत्सव के तीसरे दिन व्यास गद्दी पर आसीन वृन्दावन से परम श्रेदय सुमेधानन्द जी भागवतभूशण, मानस मर्मज्ञ जी ने 38वें उत्सव को बड़ा श्रेश्ठ बताया है, कि 38 में 3 और 8 का विषेश महत्व है। 8 से तात्प्रय अश्ठसिद्घि और 3 से तात्प्रय बाल, जवानी, वृद्घा तामसगुर्ण के प्रतीक है और दोनों का योग 11 बनता है जो मंगलकार्य होता है। सर्वप्रथम गणेष वन्दना कर रामधुन से कथा की षुरूआत हुई। राम षब्द बड़ा चमत्कारिक है रस रस में जो बसता है वह राम है। रामायण के रचयैेता देवों के देव महादेव हैं जिन्होंने एक करोड़ मन्त्रोंं से उसकी रचना की । देव मानव दानव में एक-एक तिहाई बॉंटने पर षेश दो अक्षर षेश रह गये वह राम है। हनुमान जी नें लंका  दहन किया सब लंका जल गयी, विभिशण का घर बच गया । कारण उस पर राम राम लिखा था। राम नाम का जिसने गुणगान किया उसका बेड़ा पार हुा। रात्री की बेला में सुमेघानन्द जी ने राम और केवठ की कथा का संगीतमय रूप से वर्णन किया । कलयुग केवल नाम अधारा कलयुग में भगवान् राम के नाम से मोक्षी प्राप्त हुई । इस लिए मानव को उठते बैठते राम-राम का जाप करना चाहिए। यह मूल मंत्र है। आस्था और विष्वास भक्ति के मूल स्तम्भ है जहॉं सुमति हैं वहॉं सब कुछ हैं। जहॉं कुमति है वहॉं कुछ नहीं है।
ट्रस्ट के पदाधिकारी राजकुमार षर्मा, जनकराज षर्मा, कृश्ण चन्द षर्मा,  रमेष खट्टर, होषियार सिंह , विनोद सिंह, महेन्द्र अरोड़ा, बलदेव जुनेजा, मास्टर सुरेष अनेजा, गिरधारी लाल जुनेजा, तिलक राज अरोड़ा, राम चन्द्र अरोड़ा, वेद तनेजा, नरेष वधवा, अषोक भटेजा, किषन भटेजा, चन्द्र प्रकाष कालडा, सुभाश षर्मा, विजय अरोड़ा, गिर्राज किषोर, भरत मखीजा, राम प्रकाष चावला, सन्नी षर्मा, बोबी वधवा, सुभाश मेहता रोहताष चौधरी जी द्वारा महाराज जी का माल्चापर्ण कर स्वागत किया गया।  पं0 सुनिल षास्त्री द्वारा  कथा के समापन पर आरती  और प्रसाद वितरित किया गया। दिनांक 16़10़2016 (रविवार) को कथा के पष्चात दोपहर को भण्डारे का आयोजन किया जायेगा।

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *